गुरुवार, 14 मई 2020

Fall Of Rites

संस्कारो का पतन 

वेसे तो अभी वर्तमान समय में ये कहते है कि हम विकाष कर रहे है,हम शिक्षित है ,हमारे विचार सकारात्मक है ।

पर क्या वास्तव में हमारे व्यहवार में संस्कार भी है ????????

सोचकर देखियेगा!

       
          अब आते है मुद्दे की बात पर की आखिर हमारे संस्कारो के पतन का कारण क्या है क्योंकि हमारे पूर्वज तो बहुत संस्कारी थे और इसके विपरीत हम है जो इस भगदौड़ भरी जिंदगी में जैसे संस्कार का महत्व तो कुछ रहा ही नही ।



   क्या हम  बडे बुजुर्गों से सेवा भाव रखते है ??अगर हा तो वृद्धाआश्रम क्यों ?????????

क्या हम भी सबसे प्यार से बात करते हैं ???

क्या हम किसी प्रकार का दान धर्म करते है ???

क्या हम किसी प्रकार की गाली गलोच या किसी को गलत नही बोलते ??

ओर भी बहुत से कारण है जो ये बयाँ करते है वास्तव में हम संस्कार भूल गए है ।



      अब संस्कार कोई मोल भाव करके खरीदने वाली चीज तो है नही ,ये तो अपने आसपास के माहौल ,परिवार और समाज और एक सही जीने की राह से ही मिल सकते है।

जीने की राह से एक बात आयी जहन में की एक बुक है जीने की राह नाम से जो बहुत पॉपुलर है और लोग बहुत ज्यादा पसंद कर रहे है ,एक बार आपको भी पढ़नी चाहिए।
 
https://online.jagatgururampalji.org/book-order

संत रामपाल जी महाराज द्वारा लिखित ये बुक ओर उनके सत्संग प्रवचनों को सुनना मेरे लिये तो सौभाग्य की बात साबित हुई ,एक बार आपको भी देखना चाहिए।


धन्यवाद।।

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